सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

ए जिंदगी

.


ए जिदंगी,

आ जीना सीखा दू,

ए जिंदगी,

आ लोगो से बात करना सीखा दू,

ए जिंदगी,

आ तुझे लोगो को हंसाना सीखा दू,

ए जिंदगी,

आ तुझे बच्चो से खेलना दिखा दू,

ए जिंदगी,

आ तुझे लोगो के जीना का तरीका सीखा दू,

ए जिंदगी, 

तू मत खेला कर लोगो के साथ,

आ तुझे उसने मुहोब्बत करा दू ।

                      - अर्पित सचान



टिप्पणियाँ