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In life the person fails as often,He does something new in every failure,Just need to recognize it.


                                      - Arpit Sachan

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कविता: मेरी बहना

' "मेरी बहना"  सुंदर सा चेहरा, इंसानियत की मूरत है वो, भोली और प्यारी, बहुत ही खूसूरत है वो, कभी दोस्त, तो कभी मां होती है वो, हर किरदार में, मेरे साथ होती है वो, हमारी कामयाबी पर होती है हमसे भी ज्यादा खुश, नाकामी के वक्त समेट लेती है हमारे सारे दुख, कितनी ही मेरी गलतियों को नकारा है उसने, अपने दुखो को छिपाकर हंसाया है उसने, सभी रिश्तों को शिद्दत से निभाती है वो, लेकिन हमारे रिश्ते को सबसे खास बनाती है वो, कोई और नहीं वो प्यारी सी, मेरी बहना है।। 🖊️ अर्पित सचान this poem dedicated to my dearest elder sister(Preeti Sachan). Thankyou

कविता: मेरी परछाई

. मेरी परछाई आज पूछ ही लिया परछाई से, क्यूं देती हो तुम साथ मेरा  थोड़ा रुक कर बोली, तुझे ना हो कभी अकेलेपन का अहसास कैसे तुझको छोङू अकेला,  जब मै और तुम एक ही है  काया भले ही हो अलग - अलग पर वजूद तो एक ही है, जब दुनिया छोड़ती है तेरा साथ,  तब भी मै होती हूं तेरे साथ जब अपने ही करते है खाक, तब भी मै होती हूं तेरे साथ तू अपने मन की बात कहे ना कहे मुझे सब देती है सुनाई, तेरी हंसी, तेरा दुख, तेरा दर्द सब देता है मुझे दिखाई, तेरे उत्थान से पतन तक, बस मै ही तो होती हूं तेरे साथ  क्योंकि मै हूं तेरी परछाई, कैसे छोड़ दू तेरा साथ ।। -- प्रीती सचान (Teacher)

कविता: नारी

.  'नारी' अब्ला नहीं तू शक्ति है पहचान खुद को मिटती तेरी हस्ती है, रचती तू इतिहास, भविष्य भी है, ईश्वर की अनसुलझी पहेली है तू,  अम्बर सा विशाल आंचल है तेरा,  धरती सी सहनशील है तू, तपती धूप में ठंडी हवा का छोका है, सर्द मौसम में भीनी सी गर्माहट का एहसास है तू, अब्ला नहीं तू शक्ति है पहचान खुद को मिटती तेरी हस्ती है, तेरे अन्दर श्रजन की शक्ति, तेरे अन्दर ही पतन है, दुर्गा, काली तुझमें है समाई, समय-समय पर तुझमे दी है दिखाई, हर मुश्किल में इनकी ही शक्ति काम तेरे है आई, अब्ला नहीं तू शक्ति है पहचान खुद को मिटती तेरी हस्ती है, बसती तुझमें ब्रम्हांड की शक्ति है, जिसका न कोई आदि न अंत है, आकार में बंधी निराकार शक्ति है तू, आजाद कर खुद को दुनिया के झूठे बंधनों से, पंख फैला भर ऊंची उड़ान तू, अब तो पहचान खुद को मिटती तेरी हस्ती क्यूं??? - प्रीती सचान (प्रकृति)